ICAI ने घरेलू भारतीय फर्मों को मज़बूत करने के लिए ऐतिहासिक सुधारों की घोषणा की




संवाददाता 

सुषमा रानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप भारतीय फर्मों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लक्ष्य के साथ, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) ने अपनी 447वीं काउंसिल बैठक में कई महत्वपूर्ण सुधारों को मंज़ूरी दी। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ICAI अध्यक्ष सीए चरणजोत सिंह नंदा और उपाध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी ने इन फैसलों की जानकारी दी।

सबसे बड़ा कदम विज्ञापन संबंधी नियमों में बदलाव है, जिसके तहत अब भारतीय CA फर्में विज्ञापन कर सकेंगी। यह बदलाव उभरती और मध्यम फर्मों को अपनी दृश्यता बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद करेगा। साथ ही, काउंसिल ने ICAI ग्लोबल नेटवर्किंग गाइडलाइंस 2025 को मंज़ूरी दी, जिसके माध्यम से भारतीय फर्में पारदर्शी और नियामक ढांचे के भीतर विदेशी नेटवर्क्स और फर्मों से सहयोग कर सकेंगी। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम भारतीय फर्मों को वैश्विक साझेदारियों में समान अवसर देना है।

काउंसिल ने संशोधित 13वां संस्करण कोड ऑफ़ एथिक्स भी स्वीकृत किया, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसके तहत

विज्ञापन और वेबसाइट गाइडलाइंस में अधिक लचीलापन दिया गया है। गैर-विशिष्ट सेवाओं (जैसे कंसल्टेंसी, अकाउंटिंग आदि) के लिए पुश-टेक्नोलॉजी के उपयोग की अनुमति दी गई है।

ICAI ने 2024 के IESBA कोड ऑफ़ एथिक्स से तालमेल बिठाया है, जिसमें ऑडिट फर्मों पर गैर-आश्वासन सेवाओं के संबंध में और कठोर प्रावधान शामिल हैं।

NOCLAR प्रावधान अब सभी सूचीबद्ध कंपनियों और उनकी महत्त्वपूर्ण सहायक कंपनियों पर लागू होंगे।

स्थिरता आश्वासन (Sustainability Assurance) के नए नैतिक मानक जोड़े गए हैं।

MCS सूची में आधुनिक सेवाएँ—AI-संबंधी परामर्श, फोरेंसिक अकाउंटिंग, सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट आदि—जोड़ी गई हैं।

ऑडिट शुल्क केवल डिजिटल माध्यम से स्वीकार करने की सिफारिश की गई है।

UDIN ने 10 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया, जिसे ICAI ने पारदर्शिता और विश्वास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।

साथ ही, प्रेस कॉन्फ़्रेंस में WOFA 2.0 की घोषणा भी की गई, जो 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होगा। 40 देशों से 20,000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस मंच के माध्यम से ICAI वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा और भारत की प्रोफ़ेशनल क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।

ICAI ने कहा कि ये सुधार भारतीय फर्मों को अधिक सक्षम, तकनीक-सक्षम और वैश्विक अवसरों के लिए तैयार बनाएँगे, वहीं पेशे की पारदर्शिता व अखंडता को भी मजबूत करेंगे।

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