FCCI अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में “विकसित भारत 2047” और भारत की वैश्विक भूमिका पर मंथन

 



सुषमा रानी 

नई दिल्ली, 18 दिसंबर :

द फ़ाउंडेशन फ़ॉर क्रिटिकल चॉइसेज़ फ़ॉर इंडिया (FCCI) 19 और 20 दिसंबर 2025 को इंडिया हैबिटैट सेंटर, नई दिल्ली में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रवासी सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्य, नीति-निर्माता, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, विद्वान और थिंक-टैंक प्रमुख एक साथ मंच साझा करेंगे।


“भारतीय प्रवासी: भारत की प्रगति के लिए समर्पित” थीम के तहत आयोजित यह सम्मेलन प्रवासी भारतीयों को एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में स्थापित करने और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में उनकी भागीदारी को और सशक्त करने का प्रयास है। FCCI का मानना है कि प्रवासी भारतीयों का वैश्विक अनुभव, उच्च शैक्षणिक स्तर और अंतरराष्ट्रीय पेशेवर प्रतिष्ठा नवाचार, सुशासन और सतत विकास जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।


दो दिवसीय सम्मेलन को दो प्रमुख विषयों में विभाजित किया गया है। पहले दिन “विकसित भारत: 2047 तक भारत के भविष्य का रोडमैप” विषय पर विचार-विमर्श होगा, जिसमें आर्थिक विकास को गति देने, संस्थागत सुधार, शिक्षा, तकनीक और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। दूसरे दिन “नई वैश्विक व्यवस्था: वैश्विक सहमति-निर्माण में लोकतांत्रिक भारत की भूमिका” विषय पर संवाद होगा, जिसमें वैश्विक शासन, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदारियों में भारत के बढ़ते प्रभाव की समीक्षा की जाएगी।


यह सम्मेलन नीति-निर्माताओं, विचारकों और प्रभावशाली प्रवासी भारतीयों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहाँ वे भारत के विकास और उसकी वैश्विक भूमिका को मजबूत करने के लिए ठोस रणनीतियाँ विकसित कर सकेंगे। FCCI का दृष्टिकोण है कि भारत केवल आर्थिक रूप से विकसित राष्ट्र ही नहीं बने, बल्कि वैश्विक सहमति-निर्माता के रूप में अंतरराष्ट्रीय संवाद और साझेदारियों का नेतृत्व भी करे।


FCCI के अनुसार, ज्ञान-विनिमय, निवेश और वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से प्रवासी समुदाय की सामूहिक शक्ति भारत की विकास यात्रा को तेज कर सकती है और विश्व मंच पर देश की स्थिति को और सुदृढ़ बना सकती है। संगठन का मानना है कि तेजी से आपस में जुड़ती दुनिया में भारतीय प्रवासी राष्ट्र-निर्माण में एक विशिष्ट और प्रभावशाली भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं।


इस अवसर पर FCCI के वाइस प्रेसिडेंट और SaXcell Ltd के सीईओ डॉ. प्रमोद अग्रवाल ने कहा,

“यूरोप में बसे उच्च-प्रशिक्षित और उद्यमी भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य होने के नाते हम अपनी जिम्मेदारी और सौभाग्य—दोनों को समझते हैं। हम भारत सरकार के साथ मिलकर सक्रिय भागीदार के रूप में योगदान देने के लिए तैयार हैं। हमारा वैश्विक अनुभव और भारत से गहरा भावनात्मक जुड़ाव हमें ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य में सार्थक योगदान देने की विशिष्ट स्थिति में लाता है।”


FCCI ने उम्मीद जताई कि यह सम्मेलन समान विचारधारा वाले संगठनों और व्यक्तियों के बीच सार्थक सहयोग को बढ़ावा देगा और भारतीय मूल की अगली पीढ़ी के वैश्विक नेताओं को प्रेरित करेगा। संगठन ने कहा कि यह आयोजन India@2047 के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और भारतीय संविधान के मूल्यों पर आधारित एक समृद्ध, विकसित और समावेशी राष्ट्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा

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